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कठुआ रेप केस में सुनवाई से पहले आरोपी सांझी राम ने कहा- ऊपर वाला सब देख रहा है

Kathua rape and murder case Live Updates in Hindi Trial begins victim's lawyer said she fears raped or murdered

कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले में जम्मू की सेशन कोर्ट में आज सुनवाई होगी. इससे ठीक पहले इस मामले में मुख्य आरोपी सांझी राम ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऊपर वाला सबकुछ देख रहा है. नार्को टेस्ट के बाद सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा.

 

कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले में आठ आरोपी हैं, जिसमें एक नाबालिग है. ऐसा माना जा रहा है कि गैंगरेप के जरिए सांझी राम बकरवाल समुदाय को गांव छोड़ने के लिए धमकाना चाहता था.

 

कठुआ गैंगरेप और हत्या का मामला हिंदू-मुस्लिम विवाद में फंसने की वजह से जम्मू-कश्मीर की महबूबा सरकार ने सिख समुदाय के दो वकील को सरकारी वकील बनाया है. वह कोर्ट में पुलिस का पक्ष रखेंगे.

 

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के रासना जंगल में जनवरी में घोड़ों को चराने गई बकरवाल समुदाय की आठ साल की लड़की लापता हो गई थी. उसका शव एक हफ्ते बाद बरामद किया गया. जांच में खुलासा हुआ है कि उसे एक मंदिर के अंदर बंधक बना कर रखा गया था और उसके साथ रेप से पहले नशीली दवाएं दी गई और उसकी हत्या कर दी

10: 57 AM: पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग की. साथ ही केस को जम्मू-कश्मीर से दूसरे राज्य में ट्रांसफर किये जाने की अपील की.  कोर्ट अब 2 बजे याचिका पर सुनवाई करेगा.

 

10:50 AM: कठुआ मामले में मुख्य आरोपी सांझी राम ने कहा- ऊपर वाला सबकुछ देख रहा है. नार्को टेस्ट के बाद सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा.

राजावत की जान को खतरा

 

पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका सिंह राजावत ने आशंका जाहिर की है कि इस केस की वकील बनने की वजह से उनकी जान को खतरा है.

 

पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका सिंह राजावत ने कहा, ”मेरा भी रेप हो सकता है या हत्या करवाई जा सकती है. शायद मुझे कोर्ट में वकालत न करने दी जाए. मैं नहीं जानती कि अब मैं यहां कैसे रहूंगी. हिंदू विरोधी बताकर मेरा बहिष्कार किया गया है.” उन्होंने आगे कहा, ”केस ट्रांसफर करने और अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करूंगी.

आरोपियों के पक्ष में निकली थी रैलियां

 

आपको बता दें कि आरोपियों को बचाने के लिए जम्मू में पिछले दिनों रैलियां निकाली गई थी. इसमें बीजेपी के दो नेता चंद्र प्रकाश गंगा और चौधरी लाल सिंह भी शामिल हुए थे. विवाद बढ़ने के बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए. स्थानीय संगठन का दावा है कि पुलिस गैंगरेप मामले में आरोपी को फंसाकर ‘अल्पसंख्यक डोगरा को निशाना बना रही है.’

 

वहीं पिछले दिनों जब पुलिस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने कोर्ट पहुंची तो वहां मौजूद वकीलों और आम लोगों की भीड़ ने बदसलूकी की. पीड़ित पक्ष के वकील का दावा है कि केस को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है.

 

पिछले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ की बार एसोसिएशनों के कुछ वकीलों द्वारा दीपिका सिंह राजावत को गैंगरेप पीड़िता के परिवार के तरफ से पेश होने से कथित रूप से रोकने की घटना का स्वत: संज्ञान लिया था.

 

अदालत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर बार काउंसिल, जम्मू बार एसोसिएशन और कठुआ जिला बार एसोसिएशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है क्योंकि अदालत के यह ध्यान में लाया गया था कि वकीलों ने आरोपपत्र दाखिल करने में बाधा पैदा की थी.

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