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पाकिस्तान ने 1800 सिख श्रद्धालुओं से भारतीय अफसरों को नहीं मिलने दिया

पाकिस्तान ने 1800 सिख श्रद्धालुओं से भारतीय अफसरों को नहीं मिलने दिया

पाकिस्तान ने 1800 सिख श्रद्धालुओं से भारतीय अफसरों को नहीं मिलने दिया

बैसाखी मनाने दुनिया से 20 हजार सिख श्रद्धालु पाकिस्तान के गुरुद्वारा पंजा साहिब पहुंचे हैं। ये इस्लामाबाद से 50 किमी दूर है।

भारत का विरोध, कहा-ये हमारे अधिकारियों से दुर्व्यवहार है

विदेश मंत्रालय ने बताया कि काउंसलर और प्रोटोकॉल में राजनयिकों को ये छूट है

एजेंसी|नई दिल्ली

पाकिस्तान ने वहां गए सिख तीर्थ यात्रियों से भारतीय दूतावास के अधिकारियों को मिलने से रोक दिया। उन्हें जरूरी प्रोटोकॉल ड्यूटी भी नहीं निभाने दी। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोध जताया। कहा कि ऐसा बर्ताव दुर्व्यहार की श्रेणी में आता है। एक सामान्य प्रक्रिया है कि भारतीय राजनयिकों को वहां जाने वाले सिख तीर्थयात्रियों से मिलने की छूट होती है। काउंसलर और प्रोटोकॉल प्रक्रिया के तहत यह छूट दी जाती है। इसका उद्देश्य मेडिकल आपातकाल या अन्य किसी मुश्किल में एक-दूसरे की मदद करना होता है। भारत से 1800 सिख तीर्थ यात्री बैसाखी मनाने 10 दिन के लिए रावलपिंडी के गुरुद्वारा पंजा साहिब गए हैं। वे कुछ अन्य स्थानों पर भी जाएंगे

यह वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है

भारतीय अफसर स्टेशन पर मिलने गए थे

विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय टीम श्रद्धालुओं से मिलने वाघा स्टेशन पर 12 अप्रैल को पहुंची थी। पर वे उनसे मिल नहीं सके। 14 अप्रैल को यात्रियों के साथ दूतावास अधिकारियों की मीटिंग तय थी। पर ऐन वक्त पर पाकिस्तान ने यह मीटिंग भी नहीं होने दी। राजनयिक अजय बिसेरिया की गाड़ी जब गुरुद्वारे की ओर जा रही थी, तब उन्हें रास्ते से सुरक्षा का हवाला देकर लौटा दिया गया।

भारत की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिकों के साथ बेहद खराब व्यवहार किया। पाकिस्तान ने ऐसा करके वियना कन्वेंशन 1961 का भी उल्लंघन किया है। धार्मिक तीर्थ यात्रियों के लिए द्विपक्षीय प्रोटोकॉल 1974 और हाल ही में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दोनों देशों की सहमति से तैयार समझौते का भी उल्लंघन है।

पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग को काफी वक्त से प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। एक साल में यह स्थिति और बिगड़ी है। कुछ दिन पहले पाक ने उलटे भारत पर राजनयिकों को परेशान का आरोप लगाया था।

निगरानी अधिकारियों का वहां पीछा किया जाता है

इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के कर्मियों की आक्रामक निगरानी और खतरनाक तरीके से पीछा किया जाता है। पुलिस एजेंसियों के लोग अफसरों की वीडियोग्राफी करते रहते हैं। फोन को चेहरे के करीब तक ला दिया जाता है। उन्हें अश्लील फोन कॉल और मैसेज भी अक्सर मिलते रहते हैं।

परेशानी घरों का पानी, बिजली तक काट देते हैं

इस साल 6 फरवरी को भारतीय उच्चायुक्त पाकिस्तान के विदेश सचिव से मिले थे। उन्होंने कई घटनाओं पर विरोध जताया था। दरअसल, इस्लामाबाद में भारत के रेजिडेंशल कॉम्प्लेक्स में पाक एजेंसियों ने छापा मारा था। पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए थे। लैपटॉप भी चोरी कर लिया था।

 

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