वैसे तो अजमेर में ब्लॉग लिखने का एक फैशन ही चल निकला है। जिसे देखो ब्लॉग लिख रहा है ।दूध पीते बच्चे भी,,,,, दारु पीते लुच्चे भी। जिसके हाथ में गलती से भी कलम आ जाती है वह सबसे पहले ब्लॉग लिखता है। ब्लॉग लिखना छुआ छूत की बीमारी है ।जो शुरू होने के बाद जलकुंभी की तरह फैल जाती है। अजमेर में भी ये दिन दूनी रात चौगुनी फ़ैल रही है। ब्लॉग लिखने के लिए जरूरी नहीं कि कोई ठोस विषय हो। बस विषय विकार मिटाओ पाप हरो देवा की तर्ज पर लिखने वाला लिखना शुरु कर देता है।

शहर की सेहत के लिए मैं इसे अच्छी बात मानता हूं ।कम से कम लोगों की भड़ांस तो निकल रही है ।भड़ांस निकालने वाले ब्लॉग लेखकों के अलावा शहर में कुछ सीरियस ब्लॉगर भी हैं। जो बड़ी जिम्मेदारी से सोच समझ कर बात लिखते हैं। वह जानते हैं कि कब किसकी गाय मारनी है और किसका बछड़ा बचाना है। इन में से सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर हैं SP मित्तल साहब।मेरी नज़र में वे दुनिया के सबसे लोकप्रिय ब्लॉग रचियता हैं। अजमेर के जितने भी Whatsapp ग्रुप है इनमें आप मित्तल जी को सर्वव्यापी रूप से देख सकते हैं ।Google से लेकर गली कूचे तक उनकी कला गुलाचे मारती है। राजनीति या रागनीति या कूटनीती या अनीती ।मित्तल साहब देखते ही लिखने को चाह कर भी रोक नहीं पाते ।यही वजह है कि शहर में कोई नई दुकान खोले ।किसी का ट्रांसफर हो जाए। कोई अच्छा या बुरा मामूली सा काम भी कर दे तो मित्तल साहब ब्लॉग लिख देते हैं ।मैं उनको नमन करता हूं ।उनकी कलम शासन प्रशासन है हर रोज के राशन पर चल उठती है।वह राजा को रंक बना देती हैबिच्छु का डंक बना देती है।

सुरेंद्र चतुर्वेदी

मां सरस्वती ने सच में उन्हे ब्लॉग लेखन के लिए ही पैदा किया है। लेकिन यह बात मेरे सिवा कोई नहीं समझ पाया ।पंजाब केसरी भी नहीं।अजमेर केसरी मित्तल ने पंजाब केसरी छोड़ दी। लेकिन ब्लॉग लिखना नहीं छोड़ा ।मेरे जैसा मामूली लेखक होता तो प्राण त्यागने तक पंजाब केसरी नहीं छोड़ता मगर मित्तल साहब मेरे जैसे नहीं ।वे कमाल के व्यक्तित्व हैं। अमेरिका का ट्रम्प हो या अजमेर का कोई पार्षद वे किसी को भी ब्लॉग में लपेट सकते हैं।

वे भारत-पाक की सीमा पर कहीं होने वाली हलचल पर भी ब्लॉग लिख सकते हैं तो उतार घसेटी की हल चल पर भी। वह कई बार तो शहर की राजनीति ही तय कर देते हैं ।कौन कहां से चुनाव लड़ेगा? कौन जीतेगा ?कौन हारेगा ?कौन कौन कहां कौन सी टीम से खेल रहा है वे सब जानते हैं ।सच में मैं उन्हें सर्व व्यापी ,सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग रचियता मंटा हूँ। मेरी अंतिम इच्छा है की वो दिर्गायु हो और ब्लॉग लिखते रहें। अजमेर की वे धड़कन हैं।अन्य ब्लॉग लिखने वालों की वे प्रेरणा हैं। ये बात अलग है कि आज जितने जलकुम्भी ब्लॉगर हैं सब उनकी ही दें हैं।ईश्वर सभी को सद्बुद्धि दे।ॐ नमः शिवाय।

सुरेंद्र चतुर्वेदी

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