हीरा कारोबारी नीरव मोेदी और बैंक अधिकारियों की मिलीभुगत के कारण पंजाब नेशनल बैंक के मुनाफे को तगड़ा झटका लगा है। इस वर्ष के जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक को 13,417 करोड़ रुपए का भारी घाटा हुआ है जबकि वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में पीएनबी को 261.9 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।

नेट NPA में बढ़ौतरी
वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में पीएनबी की ब्याज आय 16.8 फीसदी घटकर 3,063.4 करोड़ रुपए रही है। वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में पीएनबी की ब्याज आय 3,683.5 करोड़ रुपए रही थी। तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में पीएनबी का नेट एनपीए 7.55 फीसदी से बढ़कर 11.24 फीसदी रहा है। तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में पीएनबी का ग्रॉस एनपीए 12.11 फीसदी से बढ़कर 18.38 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में पीएनबी की प्रॉविजनिंग 4,467 करोड़ रुपए से बढ़कर 20,353 करोड़ रुपए रही है। वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में पीएनबी की प्रॉविजनिंग 5,753 करोड़ रुपए रही थी।बता दें कि नीरव मोदी ने एलओयू के जरिए देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला किया था। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। प्रवर्तन निदेशालय ने मोदी की करोड़ों की संपत्ति भी जब्त की।

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