पीएनबी में 13 हजार करोड़ के फ्रॉड केस में सीबीआई ने सोमवार को मुंबई स्पेशल कोर्ट में पहली चार्जशीट दायर की। इसमें बैंक की पूर्व प्रमुख ऊषा अनंतसुब्रमण्यन और कुछ अन्य आला अधिकारियों के नाम शामिल हैं। ऊषा फिलहाल इलाहबाद बैंक की सीईओ और एमडी हैं। बता दें कि देश में बैंकिंग सेक्टर के सबसे बड़े फ्रॉड का खुलासा फरवरी की शुरुआत में हुआ था। जांच एजेंसियों ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी समेत अन्य को आरोपी बनाया था। केस दर्ज होने से पहले ही दोनों विदेश भाग गए थे।

बैंकों को आरोपियों के अधिकार छीनने के निर्देश

- डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के सचिव राजीव कुमार ने कहा, “हमने पंजाब नेशनल बैंक और इलाहाबाद बैंक के तीन बोर्ड लेवल अफसरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें पीएनबी के दो ईडी अफसर और इलाहाबाद बैंक के एमडी शामिल हैं।
- उन्होंने बताया कि इलाहाबाद बैंक जल्द ही बोर्ड मीटिंग बुलाकर सीबीआई चार्जशीट में शामिल चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर के नाम पर चर्चा कर उनके अधिकार छीनने पर फैसला कर सकता है।

बता दें कि ऊषा अनंतसुब्रमण्यन 2015 से 2017 तक पीएनबी की एमडी और सीईओ रह चुकी हैं। पीएनबी फ्रॉड के सिलसिले में सीबीआई उनसे पूछताछ कर चुकी है।
- सीबीआई की चार्जशीट में बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केवी ब्रम्हाजी राव और संजीव शरण का नाम भी है। इसके अलावा जनरल मैनेजर (इंटरनेशनल ऑपरेशन) नेहल अहद को भी आरोपी बनाया गया है।

चार्जशीट में नीरव के भाई का भी नाम

- जांच एजेंसी ने फ्रॉड केस में मुख्य आरोपी नीरव मोदी के भाई निशाल मोदी और उसकी कंपनी के एग्जीक्यूटिव सुभाष परब की भूमिका का जिक्र भी किया है।

- हालांकि, चार्जशीट में मेहुल चौकसी की भूमिका की जानकारी नहीं दी गई। माना जा है कि सीबीआई गीतांजलि ग्रुप से जुड़े मामले की जांच के आधार पर दूसरी चार्जशीट में चौकसी का नाम शामिल कर सकती है।

कब और कैसे हुआ था बैंक फ्रॉड?

- पीएनबी में फ्रॉड की शुरुआत मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में 2011 से हुई। फ्रॉड फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए किया गया। आरोपियों ने बैंक अफसरों के साथ मिलकर फर्जी एलओयू तैयार किए और 2011 से 2018 तक हजारों करोड़ की रकम विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की।13 हजार करोड़ के फ्रॉड का खुलासा फरवरी के पहले हफ्ते में हुआ। पंजाब नेशनल बैंक ने सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी दी। बाद में पीएनबी ने सीबीआई को बैंक में 1300 करोड़ के नए फ्रॉड की जानकारी दी। इस तरह यह रकम बढ़कर करीब 13 हजार करोड़ तक पहुंच गई।

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