भारतीय कंपनी फ्लिपकार्ट के 75% शेयर खरीदेगी अमेरिका की वाॅलमार्ट, 1 लाख करोड़ रुपए में हो सकता है सौदा, national news in hindi, national news

देश की नंबर-1 ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट इंक खरीदने जा रही है। सौदा 1,500 करोड़ डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) में हो सकता है। फ्लिपकार्ट के बोर्ड ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत वॉलमार्ट ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में 75% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी विस्तार योजना के तहत एक बड़ा कदम होगा।

डील से बढ़ेंगी अमेजन की मुश्किलें

- माना जा रहा है कि‍ फ्लि‍पकार्ट के साथ इस डील से अमेजन.कॉम के साथ वाॅलमार्ट की जंग आगे बढ़ेगी। यह लड़ाई भारत के बढ़ते ई-कॉमर्स मार्केट के लि‍ए हो रही है। अनुमान के मुताबिक, एक दशक में यह मार्केट 200 अरब डॉलर का हो जाएगा।

- वाॅलमार्ट और फ्लिपकार्ट के बीच इस डील से भारत में अमेजन की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इससे पहले मीडिया में कुछ ऐसी भी खबरें आई थी कि अमेजन भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी को खरीदने के लिए बड़ा ऑफर देने की संभावनाएं खंगाल रही है।

- अमेजन दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है और उसे सबसे भारत में सबसे तगड़ी चुनौती फ्लिपकार्ट से ही मिल रही है। इसके साथ ही अमेजन की भारतीय बाजार में पैठ बढ़ाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है।

नए और मौजूदा शेयर्स खरीदेगी वाॅलमार्ट

सूत्रों के मुताबिक, वाॅलमार्ट की ओर से फ्लि‍पकार्ट के मौजूदा और नए दोनों शेयर्स खरीदे जाएंगे। नए शेयर्स से फ्लि‍पकार्ट की वैल्‍यू करीब 18 अरब डॉलर हो सकती है। मौजूदा शेयर्स की कीमत के हि‍साब से फ्लि‍पकार्ट की वैल्‍यू करीब 12 अरब डॉलर होगी।

सॉफ्टबैंक नहीं बेचेगा अपना कोई शेयर

सूत्रों ने कहा कि‍ जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप के पास वि‍जि‍न फंड के जरि‍ए फ्लि‍पकार्ट में करीब 20 फीसदी हि‍स्‍सेदारी है। माना जा रहा था कि‍ मौजूदा शेयर्स के लि‍ए कम कीमत मि‍लने की वजह से सॉफ्टबैंक अपना कोई शेयर नहीं बेचेगी। रॉयटर्स ने पहले रि‍पोर्ट दी थी कि‍ अगर डील पूरी होती है तो शुरुआती इन्‍वेस्‍टर्स जैसे टाइगर ग्‍लोबल एक्‍ससेल और नेस्‍पर्स अपना पूरा हि‍स्‍सा बेच देंगे।

40 फीसदी मार्केट पर है फ्लिपकार्ट का कब्जा
अमेजन के पूर्व इम्प्लॉई सचिन बंसल और बिनी बंसल द्वारा 2007 में स्थापित फ्लिपकार्ट का भारत के 40 फीसदी ऑनलाइन रिटेल मार्केट पर कब्जा है। रिसर्च कंपनी फॉरेस्टर के मुताबिक अमेजन फिलहाल फ्लिपकार्ट से पीछे है।

अमेरि‍का की कंपनी वॉलमार्ट इंक दुनि‍या की सबसे बड़ी रि‍टेल कंपनी है लेकि‍न इसके बावजूद वह अमेजन के खि‍लाफ संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसा इसलि‍ए क्‍योंकि कंज्‍यूमर्स तेजी से ऑनलाइन कॉमर्स पर शि‍फ्ट हो रहे हैं। अमेरि‍का और चीन के बाद भारत ही अगला सबसे बड़ा संभावनाओं वाला मार्केट है जहां वि‍देशी रि‍टेलर्स अलीबाबा ग्रुप होल्‍डिंग लिमिटेड के खि‍लाफ आगे बढ़ सकते हैं।

- फ्लि‍पकार्ट में वॉलमार्ट इसलि‍ए भी इन्‍वेस्‍ट कर रहा है कि‍ क्‍योंकि‍ वह खुद अमेजन से चुनौती का सामना कर रहा है। अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस पहले ही भारत में 5.5 अरब डॉलर इन्‍वेस्‍ट करने की प्रति‍बद्धता जता चुके हैं और यह संकेत भी दे चुके हैं कि‍ मार्केट लीडर बनने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

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