नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने आज कर्ज में डूबी भूषण स्टील के लिए टाटा स्टील की ओर से लगाई गई बोली को मंजूरी दे दी है। वहीं ट्रिब्यूनल ने उस याचिका को भी खारिज कर दिया है जो कि भूषण स्टील के कर्मचारियों की ओर से टाटा स्टील की बोली को खारिज करने के लिए दाखिल की गई थी।एनसीएलटी प्रेसिडेंट जस्टिस एम एम कुमार और एस के मोहपात्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की कंपनी एलएंडटी की याचिका को भी खारिज कर दिया है जिसमें लोन की रिकवरी को तरजीह देने को और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाने को कहा गया था। एलएंडटी, जो कि भूषण स्टील का ऑपरेशनल क्रेडिटर है, ने संकल्प प्रक्रिया में संकल्प प्रक्रिया में ऋण वसूली को उच्च प्राथमिकता दिए जाने की मांग की थी। ट्रिब्यूनल ने भूषण एनर्जी की की उस याचिका को भी खारिज कर दिया है जिसमें भूषण स्टील के साथ अपने बिजली खरीद समझौते को आगे जारी रखने के लिए कहा गया था।इस फैसले को आज अदालत में सुनाया गया, हालांकि विस्तृत फैसला आना अभी बाकी है। इससे पहले 11 अप्रैल को, ट्रिब्यूनल के मुख्य खंडपीठ ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अपना आदेश आरक्षित कर दिया था। टाटा स्टील की ओर से  प्रस्तावित भूषण स्टील में 12.27 फीसद इक्विटी के साथ क्रेडिटर्स की समिति (सीओसी) ने 32,500 करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी दे दी थी।भारती प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने भूषण स्टील के अधिग्रहण के लिए टाटा स्टील के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। आपको बता दें कि भूषण स्टील पर वर्तमान समय में काफी सारा कर्ज है। दिवालिया कार्यवाई के दौरन लेनदारों की समिति (सीओसी) ने टाटा स्टील को सफल समाधान आवेदक के रूप में घोषित कर दिया था।

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