अमेरिका ने बुधवार को कहा कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच होनेवाली बैठक की तैयारियों में लगा है. उत्तर कोरिया ने इस ऐतिहासिक शिखर वार्ता को रद्द करने की धमकी देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण पर उसे ‘अलग-थलग' करने की कोशिश कर रहा है.
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को एकतरफा तरीके से बंद करने के बदले में अमेरिका की ओर से वित्तीय सहायता को कभी स्वीकार नहीं करेगा. सिंगापुर में 12 जून को होनेवाली बैठक में दोनों देशों की अपनी सीमा पर सैन्य तनाव कम करने के हाल के समझौतों को लागू करने के तरीकों तथा अपने संबंध सुधारने पर चर्चा करने की संभावना थी. इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया करते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि उत्तर कोरिया ने जो कहा है उस पर वह स्वतंत्र रूप से विचार करेगा. विदेश विभाग ने कहा कि वह शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि अमेरिका इस संबंध में मीडिया रिपोर्टों से अवगत है. सैंडर्स ने कहा, ‘उत्तर कोरिया ने जो कहा उस पर अमेरिका स्वतंत्र रूप से विचार करेगा और अपने सहयोगियों के साथ करीबी सहयोग करना जारी रखेगा.' विदेश विभाग ने कहा कि वह शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है और दक्षिण कोरिया तथा अमेरिका के बीच चल रहे अभ्यासों पर उत्तर कोरिया ने एक भी शब्द नहीं कहा है. विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा कि किम ने पहले संकेत दिये थे कि वह दक्षिण कोरिया के साथ लंबे समय से नियोजित संयुक्त अभ्यास जारी रखने की अमेरिका की जरूरत और उद्देश्य को समझते हैं. उन्होंने पत्रकारों ने कहा, ‘हमने उस सरकार या दक्षिण कोरिया सरकार से कुछ भी नहीं सुना जो यह संकेत दे कि हम ये अभ्यास ना करें या हम राष्ट्रपति ट्रंप और किम जोंग उन के बीच अगले महीने होनेवाली बैठक की तैयारी ना करें.'
पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग के अनुसार, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सैन्य बल अभी दक्षिण कोरिया-अमेरिका वार्षिक अभ्यास में व्यस्त हैं. विदेश विभाग ने इन आरोपों को खारिज किया कि ये अभ्यास उकसानेवाले हैं. केसीएनए ने उत्तर कोरिया के हवाले से कहा कि उसके इस कदम के पीछे की वजह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहा सैन्य अभ्यास है. उसने कहा, ‘संयुक्त अभ्यास अमेरिका और दक्षिण कोरिया के अचल रुख को दर्शाता है ताकि वह उत्तर कोरिया के खिलाफ अधिकतम दबाव बना सके और प्रतिबंध लगाये रखे.'इस बीच, उत्तर कोरिया ने इन सैन्य अभ्यासों के कारण दक्षिण कोरिया के साथ होनेवाली उच्च स्तरीय बैठक भी रद्द कर दी. उत्तर कोरिया ने कोरियाई देशों के बीच बातचीत विफल होने और उत्तर-दक्षिण कोरिया संबंध खराब होने के लिए दक्षिण कोरिया प्रशासन को ‘पूरी तरह से जिम्मेदार' ठहराया. बयान में कहा गया है, ‘अमेरिका को दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर उत्तर कोरिया के खिलाफ उकसावे की सैन्य कार्रवाई करने से पहले अब डीपीआरके-अमेरिका शिखर वार्ता के भविष्य के बारे में दो बार सोचना होगा.'

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