why trial of accused in mumbai attacks case isnt being completed nawaz

भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री  नवाज शरीफ ने आखिर मुबंई हमलों को लेकर अपनी जुबान खोल दी है  जिससे पाकिस्तान पर संकट के बादल गहरा गए हैं। स्वीकार कर लिया है कि मुंबई अटैक में पाकिस्तानी आतंकियों का ही हाथ था। नवाज शरीफ की इस स्वीकारोक्ति ने पाकिस्तान के हमेशा के उस दावे को भी खत्म कर दिया है जिसमें वह आतंकियों को पालने के आरोपों से पल्ला झाड़ता रहा है। नवाज ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि उनके देश में आतंकी संगठन सक्रिय हैं।नवाज शरीफ ने मुंबई हमलों की पाक में अटकी पड़ी सुनवाई पर भी सवाल उठाया है। शुक्रवार को मुल्तान में रैली से पहले 'द डॉन' को दिए इंटरव्यू में नवाज ने कहा, 'आप एक देश को नहीं चला सकते जब दो या तीन समानांतर सरकारें चल रही हों। यह रोकना होगा। सिर्फ एक ही सरकार हो सकती है, जो संवैधानिक प्रक्रिया से चुनी गई हो।नवाज से जब यह पूछा गया कि उनकी नजर में वह कौन सा कारण है जिससे उनकी पीएम की कुर्सी गई तो उन्होंने  बातचीत को विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे की तरफ मोड़ दिया। नवाज शरीफ ने कहा कुर्बानियों के बावजूद हमारी बात कोई स्वीकार नहीं करता। अफगानिस्तान की कहानी को स्वीकार कर लिया गया, लेकिन हमारी नहीं। हमें इसपर ध्यान देना चाहिए।'नवाज ने आगे कहा, 'आतंकी संगठन सक्रिय हैं, क्या हमें उन्हें सीमा पार करने और मुंबई में 150 लोगों की हत्या करने की इजाजत दे देनी चाहिए?  बताइए।' रावलपिंडी आतंकरोधी अदालत में मुंबई हमलों का ट्रायल लंबित होने का हवाला देते हुए नवाज ने कहा, 'हमने सुनवाई क्यों नहीं पूरी की?' बता दें कि पाकिस्तान इस बात से हमेशा इंकार करता रहा है कि 2008 के मुंबई हमलों में उसकी कोई भूमिका है।

जब नवाज से पूछा गया कि आने वाले आम चुनाव में पीएमएल-एन का नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी की तरफ से उनके भाई शाहबाज शरीफ के नाम की अटकलों पर भी शरीफ ने कुछ नहीं कहा।

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