92 साल के महातिर होंगे मलेशिया के PM, GST का किया था विरोध

मलेशिया में हुए आम चुनाव में घोटाले के आरोपों से घिरे प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक का मुकाबला 92 वर्षीय नेता महातिर मोहम्मद से था. बुधवार को आए नतीजों में महातिर मोहम्मद ने आम चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की है.92 साल के महातिर ने बैरिसन नेशनल (बीएन) गठबंधन को चुनावों में करारी शिकस्त दी हैबैरिसन नेशनल पार्टी पिछले 60 सालों से सत्ता में बनी हुई थी. महातिर के विपक्षी गठबंधन पकातन हरप्‍पन (Pakatan Harapan) ने चुनाव में 121 सीटों पर जीत हासिल की है जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक 112 सीटों की तय सीमा से अधिक हैमहातिर के विपक्षी गठबंधन की जीत मलेशिया में एक राजनीतिक भूकंप की तरह है. यहां दशकों से एक ही गठबंधन सत्ता पर काबिज था.बैरिसन नेशनल अपने गठबंधन संयुक्त मलेशिया राष्ट्रीय संगठन (यूएमएनओ) के साथ 1957 में मलेशिया को ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से ही सत्ता में थीइस शपथ ग्रहण के साथ ही महातिर दुनिया के सबसे बुजुर्ग निर्वाचित नेता बन जाएंगे. शपथ ग्रहण समारोह की वजह से गुरुवार और शुक्रवार को देश में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई हैबीते कुछ सालों में बीएन की लोकप्रियता में कमी देखने को मिली और इस चुनाव में उसे सिर्फ 79 सीटें ही मिलीं.2013 में हुए चुनावों में भी विपक्ष सत्‍ता के करीब पहुंचा था, उसने 89 सीटों पर जीत हासिल की थी.वोट पर्सेंटेज के मामले में ये पार्टी बैरिसन नेशनल से आगे थी. बैर‍ि‍सन को 47.38% तो विपक्षी गठबंधन पकातन रिकायत को उस समय 50.87% मत प्राप्‍त हुए थे. लेकिन ये सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं थेइस बार महातिर ने प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक के ख़िलाफ बड़ा अभियान चलाया था. उन्‍होंने अपनी रिटायरमेंट से वापसी भी रज्‍जाक के भ्रष्‍टाचार के ख‍िलाफ लड़ाई लड़ने के लिए की थी. साथ ही महातिर के विपक्षी गठबंधन ने चुनाव में वादा किया है कि अगर वह सत्‍ता में आती है तो रज्‍जाक की महत्‍वाकांक्षी योजना जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स) को डिब्‍बे में डाल देगी. मलेश‍िया में जीएसटी 2015 में लागू हुई थी.महातिर मलेश‍िया के सबसे अध‍िक समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं.  वे 1981 से लेकर 2003 तक मलेश‍िया के पीएम थेमहातिर ने अपने राजनीतिक कर‍ियर की शुरुआत 1946 में यूनाइटेड मलेश नेशनल ऑर्गनाइजेशन (UMNO) से की थी. इसी संगठन से बैरिसन नेशनल गठबंधन ने जन्‍म लियामलेश‍िया के शहर अलोर सेटार में जन्‍मे महातिर बच्‍पन से पढ़ाई में काफी तेज थे और उन्‍होंने डॉक्‍टर की डिग्री हासिल की थीमहातिर खुद भी एक समय में बीएन का अहम हिस्सा रह चुके हैं और नजीब के राजनीतिक गुरु भी रहे. बाद में उन्होंने पार्टी से ख़ुद को ये कहते हुए अलग कर लिया था कि 'जो पार्टी भ्रष्टाचार को समर्थन दे उसके साथ रहना अपमानजनक है.1964 में वे पहली बार सांसद बने. हालांकि एक टर्म के बाद ही तत्‍कालिन पीएम तुंकु अब्‍दुल रहमान के साथ झगड़े की वजह से UMNO निकाल दिए गए थे. वहीं तुंकु अब्‍दुल रहमान के इस्‍तीफे के बाद उन्‍हें फ‍िर पार्टी में शामिल किया गया और वे कई पदों पर रहे1976 को वे मलेश‍िया के डिप्‍टी पीएम बने और कई मंत्रालय के पदभार को संभाला. साथ ही वे 1981 में तत्‍कालिन प्रधानमंत्री हुसैन ऑन के इस्‍तीफे के बाद मलेश‍िया के प्रधानमंत्री बने.प्रधानमंत्री के तौर पर 22 सालों के कार्यकाल में महातिर ने 5 चुनाव जीते और कई राजनीतिक प्रतिद्व‍िंद‍ियों को चि‍त किया. साथ मलेश‍िया के विकास में काफी योगदान द‍ियाहालांकि उनका कार्यकाल न्यायतंत्र की आजादी कम करने के आरोप भी लगे, खासकर इंटरनल सिक्‍योरिटी एक्‍ट की वजह से वे विवादों में आए. इस एक्‍ट की वजह से कई राजनेताओं और धार्मिक गुरुओं को हिरासत में लिया गया था. नागरिक अध‍िकारों को कम करने की कोश‍िश करने की वजह से प्रधानमंत्री के तौर पर महातिर के संबंध पश्‍च‍िमी देशों ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्‍ट्रेलिया से अच्‍छे नहीं रहे थेआपको बता दें कि परिणामों की घोषणा होने के साथ ही महातिर के पार्टी के समर्थक सड़कों पर उतर आए और जश्न मनाने लगे

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