महिलाओं और युवाओं की बदली लाइफ स्टाइल गंभीर रोगों को न्योता दे रहे हैं। हालात यह हैं कि नशे की लत और बढ़ता वजन व खानपान का सही न होना भी मां बनने की सुख से वंचित कर रही है। लगातार बढ़ रहीं समस्याओं को देखते हुए महिला रोग विशेषज्ञों व प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक दिवसीय सेमीनार आयोजित हुआ। जिसमें समस्याओं पर मंथन हुआ, रोहतक, दिल्ली, बंगलोर आदि से पहुंची चिकित्सकों ने समाधान भी बताए।

सोनीपत रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित एक दिवसीय सेमीनार में महिला रोगों से संबंधित विषय पर मंथन हुआ। दिल्ली से पहुंची डा. पूजिल गुलाटी कहती हैं कि मां बनने में फिलहाल तमाम खामियां सामने आ रही हैं। प्रदूषण पर्यावरण से लेकर महिला या फिर पुरूषों का वजन बढ़ना, नशे का सेवन, दिनचर्या का विपरीत होना भी बड़ी वजह है। इनका कहना है कि यूं तो महिलाओं के रोगों से निदान दिलाने के लिए कई तकनीकी आ चुकी हैं, फिर भी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। जबकि डा. अनिला नागपाल ने कहा कि 30 से 40 फीसद महिला व पुरुषों में ऐसे लक्षण मिल रहे हैं, जिससे मां बनने में बाधा आ रही है। इस दौरान डा. निर्मल गुलाटी, डा. अनिला नागपाल, डा. अंजलि मरिया, डा. ईशा नरूला, डा. विनय गौड, डा. शशि चौहान, डा. ऊषा ¨सह आदि चिकित्सक मौजूद रहे।

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