कर्नाटक में सरकार बनाने की जोड़-तोड़ के बीच जेडीएस नेता एचडी कुमारास्वामी के एक बयान से यहां के सियासत में नई हलचल उत्‍पन्‍न हो गई है। दरअसल, कुमारस्‍वामी ने उस राज से पर्दा उठाया है कि आखिर उन्‍होंने भाजपा का साथ छोड़ क्‍यों कांग्रेस का दामन थाम लिया।

कुमारस्वामी ने राज से पर्दा उठाते हुए कहा कि मुझे दोनों तरफ (कांग्रेस और भाजपा) से ऑफर किया गया है और मैं ये झूठ नहीं कह रहा हूं। अपने पिता एचडी देवगौडा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरे पिता के राजनीतिक करियर के ऊपर काला धब्बा लगा, इसलिए मैंने 2004 और 2005 में भाजपा के साथ जाने का फैसला किया था। इसलिए भगवान ने अब मुझे ये धब्बा हटाने का मौका दिया है। इसलिए अब मैं कांग्रेस के साथ हूं।

आपको बता दें कि 2004 में कांग्रेस से नाता तोड़कर तब के उपमुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा के साथ 20-20 महीने मुख्यमंत्री रहकर उस विधानसभा का कार्यकाल पूरा करने का समझौता किया था। लेकिन कांग्रेस से धोखा खाए कुमारस्वामी ने भी 20 माह बाद भाजपा को धोखा दिया। येदियुरप्पा की बारी आने पर उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ तो लेने दिया, लेकिन सदन में समर्थन देने से कतरा गए और सरकार गिर गई थी।सिद्दरमैया का उस समय का धोखा देवेगौड़ा परिवार आज भी भूल नहीं पाया है। लेकिन लगता है कांग्रेस का धोखा यह परिवार भूल चुका है। शायद इसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री पद की लालच में देवेगौड़ा के छोटे पुत्र कुमारस्वामी एक बार फिर कांग्रेस के साथ सत्ता संभालने को आतुर दिखाई दे रहे हैंआपको बता दें कि 2004 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस समय भी कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। 79 सीटें पाने वाली भाजपा के बाद 65 सीटें पानेवाली कांग्रेस ने उस समय 58 सीटें पाने वाली तीसरे नंबर की पार्टी जेडीएस के साथ मिलकर ढ़ाई-ढ़ाई साल मुख्यमंत्री पद पर रहने का समझौता किया था।जेडीएस के कोटे से कांग्रेस के सिद्दरमैया मुख्यमंत्री बने थे। उसी दौरान सिद्दरमैया ने अहिंद नामक संगठन बनाकर एचडी देवेगौड़ा के परंपरागत वोटबैंक अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग एव दलितों को अपने साथ जोड़ना शुरू कर दिया था। इस चाल को समझकर ही तब देवेगौड़ा ने सिद्धारमैया को जेडीएस से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। वर्तमान कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जेडीएस विधायक दल की बैठक में एच डी कुमारास्वामी को पार्टी के विधायी दल का नेता चुन लिया गया है। पार्टी की बैठक के बाद कुमारास्वामी ने मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा-इस मौके पर बेंगलुरु में कुमारास्वामी ने मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा पर कई तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि जेडीएस के विधायकों को 100-100 करोड़ का ऑफर दिया जा रहा है। ये काला धन आ कहां से रहा है? माना जाता है कि वे गरीबों के सेवक हैं लेकिन आज ये हमें ऐसा ऑफर कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि अब कहां हैं आयकर विभाग के अधिकारी?उन्होंने आगे भाजपा के अश्वमेध यात्रा पर भी हमला बोलते हुए कहा कि, भाजपा की अश्वमेध यात्रा उत्तर से शुरू हुई, लेकिन उनके घोड़ों को कर्नाटक में रोक दिया गया। ये फैसला भाजपा के अश्वमेध यात्रा को रोकने का था। मैंने राज्यपाल से भी कहा है कि इस तरह का फैसला नहीं करें जिससे हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा मिले। कुमारास्वामी ने आगे कहा कि भूल जाइए कि भाजपा का कमल अभियान सफल रहा। अभी ऐसे कई लोग हैं जो भाजपा को छोड़ हमारे साथ आना चाहते हैं। कुमारास्वामी ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर आप हमारे एक सदस्य का शिकार करेंगे तो हम भी आपके साथ वही करेंगे लेकिन हम दुगना करेंगे।जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कर्नाटक चुनाव में भाजपा प्रभारी प्रकाश जावडेकर से मिले हैं इस पर उन्होंने कहा कि कौन हैं जावडेकर? कौन हैं ये शख्स? उन्होंने आगे कहा कि ये बकवास खबर है, ना ही जावडेकर और ना ही कोई अन्य भाजपा नेता ने मुझसे मुलाकात की है। कुमारास्वामी ने आगे कहा कि हम एक बार फिर से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जी परमेश्वर के साथ राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

भाजपा पर लगाए गए उपरोक्त आरोपों का भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने सख्ती से पलटवार किया है। उन्होंने जेडीएस के हमलो के जवाब में कहा कि वे भाजपा के ऊपर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। शिकार और घोड़ों का व्यापार भाजपा ने नहीं किया है, कांग्रेस इसके लिए प्रसिद्ध है। उनके अपने विधायक अपनी गठबंधन से खुश नहीं हैं। 100 करोड़ के आंकड़े वाली बात ना सिर्फ काल्पनिक है बल्कि कांग्रेस-जेडीएस की राजनीति करने का तरीका यही है। हम नियमों के साथ चल रहे हैं, हमने अपने दावे राज्यपाल के समक्ष पेश कर दिए हैं, और हम सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त हैं।प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस आज अपने स्वार्थ कारणों से साथ आए हैं। उन्होंने भाजपा पर लगाए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों का भी जवाब देते हुए कहा कि हमारी पार्टी हॉर्स ट्रेडिंग नहीं करती है साथ ही उन्होंने इस बात पर विश्वास व्यक्त किया कि उनकी पार्टी कर्नाटक में सरकार बनाने जा रही है। हमने राज्यपाल को अपना दावा पेश कर दिया है और हम एक मजबूत सरकार बनाने जा रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस ने कहा है कि जब उन्हें और जेडीएस को एक साथ सरकार बनाने के लिए राज्यपाल आमंत्रित नहीं करेंगे तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे। इस पर जावड़ेकर ने कहा कि कोर्ट जाने का किसी भी पार्टी का लोकतांत्रिक अधिकार हैगौरतलब है कि, एक तरफ जहां सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा ने राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी भाजपा को रोकने के लिए जेडीएस से हाथ मिलाने की बात कही है। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदियुरप्पा ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने की दावेदारी पेश कर दी है।

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