कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे तो आ गए हैं, लेकिन अभी भी सरकार किसकी बनेगी यह साफ नहीं हुआ है. सरकार बनाने को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस लगातार मोर्चेबंदी कर रही हैं. बीजेपी कह रही है कि उनके संपर्क में जेडीएस-कांग्रेस के विधायक हैं, तो वहीं कांग्रेस अपने विधायकों को रिजॉर्ट में ले जा सकती है. बेंगलुरु में बुधवार को बैठकों का दौर भी जारी है, कांग्रेस-जेडीएस-बीजेपी अपने विधायकों के साथ बैठक करने में लगे हुए हैं.

बीजेपी की भी कोशिशें तेज

दूसरी ओर बुधवार को 11 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक होने वाली है, जिसमें मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा को पार्टी विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इसके बाद येदियुरप्पा से राज्यपाल से आधिकारिक रूप से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

बीजेपी विधायक दल की बैठक में बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे. इस बीच नवनिर्वाचित निर्दलीय विधायक आर. शंकर ने बीजेपी नेता ईश्वरप्पा के साथ येदियुरप्पा से मुलाकात की है. ईश्वरप्पा ने दावा किया कि बीजेपी के पास जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों का समर्थन है.

बीजेपी विधायक बसवाराज बोम्मई ने कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है. हम देखेंगे कि पूरी प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है, लेकिन राज्यपाल को फैसला करना है कि क्या सही और क्या नहीं. कांग्रेस की बैठक के बाद 11 बजे जेडीएस ने भी वसंतनगर में अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है.

हालांकि इन सबके बीच सभी की राज्यपाल पर टिकी हैं कि सरकार बनाने के लिए वे पहले किसको निमंत्रित करते हैं. राज्यपाल के पास अभी दो विकल्प हैं, पहला ये कि वे सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को पहले बुलाएं और बहुमत साबित करने के लिए कहें या फिर जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए न्यौता दें, जोकि जादुई आंकड़े का दावा कर रहे हैं.

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप का कहना है कि ये पूरी तरह राज्यपाल पर निर्भर है कि वे सरकार बनाने के लिए पहले किसे आमंत्रित करते हैं. सबसे बड़ी पार्टी को, या गठबंधन सरकार को.

मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और कर्नाटक प्रज्ञयवंथा जनता पार्टी को क्रमशः 1-1 सीटें मिली हैं. इनके अलावा एक सीट अन्य के हिस्से में भी आई है.

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