अगले सोमवार यानी कि 21 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनके साथ समुद्र तट पर स्थित खूबसूरत शहर सोची में अनौपचारिक शिखर वार्ता में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस शिखर वार्ता में दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अपने दूरगामी दृष्टिकोण को साझा करेंगे और अपनी विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी को सुदृढ़ कर प्रगति की ओर ले जाने की कोशिश करेंगे। बता दें कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से रूस में यह मोदी का चौथा दौरा है। आइये मोदी के पिछले रूस दौरों के बार में जानें।भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सबसे पहले पीएम मोदी रूस दौरे पर जुलाई, 2015 में गए थे।  मोदी उस समय पांच मध्य एशियाई देशों के दौरे पर थे। रूस दौरे के दौरान उन्होंने उफा में आयोजित 7वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और 2015 शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO)में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी के पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ और कुछ अन्य नेताओं के साथ मुलाकात के बाद ये दोनों सम्मेलन दौरे का मुख्य आकर्षण बन गए थे।दूसरी बार पीएम मोदी दिसंबर, 2015 में रूस दौरे पर गए थे।  उस समय रूस की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने 16वें भारत-रूस सम्मेलन के अवसर पर औपचारिक बातचीत की। उस समय कई रक्षा और परमाणु समझौतों समेत कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही उस दौरान 226 सैन्य हेलीकॉप्टरों के संयुक्त निर्माण और भारतीय कंपनी की मदद से देश में 12 परमाणु संयंत्र स्थापित करने पर सहमति बन गई। इसके अलावा, पहली बार पूर्ण रूप से स्वदेशी वायु रक्षा मिसाइल और रडार प्रणाली का निर्माण भारत में होने का रास्ता साफ हुआ।तीसरी बार पीएम मोदी जून, 2017 में रूस दौरे पर गए थे। उस दौरान पीएम मोदी आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के समर्थन पर पुतन से बातचीत की। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत जिस समस्या का सामना कर रहा है वह काल्पनिक नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमें यह समझने की जरूरत है कि क्या हो रहा है और यह हमें कहां ले जा रहा है। आतंकवाद के खतरे पर अब हमारे जागने का समय है।

 

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