अजमेर। तोपदडा निवासी सोविला माथुर ने बताया कि बतौर आरएएस मैने सफलता के साथ अपने घर परिवार का मान उचा किया। शादी के बाद मां बनने का सपना हाथ से छुटता ही चला गया। शादी के चार साल तक हर बार मिसकैरज का दर्द मुझे अहसास कराता रहा कि शायद जिन्दगी में यह सुख मेरे हाथ नहीं फिर एक वक्त जब ऐसा आया कि अब बस कैरियर को ही जिन्दगी का मकषद मान लूं। तभी एक रोषनी नजर आई। कई बच्चे की सांसो को महसुस किया पर वो सांसे हर बार दम तोड जाती थी। ऐसे में भगवान ने दो 2018 मुझे जिन्दगी के सबसे खूबसूरत लम्बे का अहसास करवाया, जिसमें में कई काॅम्प्लीकेषन साथ-साथ रही। सारी अडचनो से लडते हुये छूटकू समय से एक माह पहले ही मेरी गौद में आया और मेरे सारे दर्द भूला दिये।
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