अजमेर- देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने सोमवार को अपनी पत्नी के साथ अजमेर में वि’व विख्यात सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह  में जियारत की। उन्होंने दरगाह  में देश की खुशहाली  के लिये दुआ मांगी दरगाह पहुंचने पर राष्ट्रपति  रामनाथ कोविन्द का  सम्मान से स्वागत किया गया ।
 
सर्वप्रथम राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का काफिला अजमेर के घूघरा हेलीपेड से 10ः30 बजे रवाना होकर सीधे पुष्कर सरोवर पहुंचा। वहां पर अपनी धर्मपत्नि सविता कोविंद व अपनी पुत्री के साथ सरोवर की पूजा अर्चना की। इसके बाद राष्ट्रपति  रामनाथ कोविन्द सीधे ब्रहमा मंदिर पूजा करने पहुचे। वहां पर सीढीयों पर ही कोविंद के पूजा करने के लिया प्रसाशन व्यवस्था की थी। ब्रहमा मंदिर के पुजारी ने उन्हें विधिवत पूजा अर्चना कराई और प्रसाद दिया। कोविंद ने मंदिर में देश की खुशहाली व तरक्की के लिय प्रार्थना की।
 
ब्रम्हा मंदिर के दर्शन  व पुष्कर  सरोवर की पूजा अर्चना करने के बाद कडी सुरक्षा के बीच सडक मार्ग  से होते हुये राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द दोपहर 12ः30 बजे दरगाह पहुंचे। यहां सर्वप्रथम निजाम गेट  पर दरगाह  खादिमो ने अगुवाई की। दरगाह की पहली सीढी पर कदम रखने से पहले मौरूसी अमले ने राष्ट्रपति कोविंद को पताबे पहनाये  जिसे पहन कर जैसे वह दरगाह परिसर में दाखिल हुये। इस अवसर पर दरगाह के नक्कार खाने से शादियाने बजा कर महामहिम राष्ट्रपति का स्वागत किया गया ! 
 
बेगमी दलान से राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने सिर पर गुलाब के फूल की टोकरी सहित मखमली चादर रखी और यह चादर ख्वाजा साहब की मजार पर पेश कर देश की खुशहाली ,विकास और आपसी भाईचारे सहित अपने व अपने परिवार के लिये दुआ मांगी ।
 
इस दौरान खादिमो की कमेटी अंजुमन सैयदजादगान व शेख जादगान के पदाधिकारियो ने कोविन्द व उसकी पत्नी सविता कोविन्द और कोविन्द की बेटी को जियारत करवाई और उनके हक में दुआ भी की। दोनो अंजुमन कमेटियो ने राष्ट्रपति कोविन्द की दस्तारबंदी की और पत्नी व बेटी का शॉल ओढा कर स्वागत किया गया । इस अवसर पर खादिमो की और से राष्ट्रपति को तबर्रुक भी भेंट किया गया ।
 
जियारत से लौटने के बाद दरगाह के बुलंद दरवाजे पर दरगाह कमेटी ने भी राष्ट्रपति का शॉल  ओढा कर स्वागत किया गया !
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