अजमेर / - भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला संयोजक नेमीचन्द तम्बोली ने कहा कि व्यक्ति को अतीत की स्मृतियां, वर्तमान की आसक्तियां तथा भविष्य के भय या आशंका से बचना चाहिए। ये तीनों ही स्थितियां व्यक्ति के दुःख का कारण बनती है। योग प्राणों पर नियन्त्रण सीखाता है व प्राण मन पर नियन्त्रण करने में सफल होते हैं। गुरूवार को हरिभाउ उपाध्याय नगर (मुख्य) सामुदायिक भवन के पास स्थित सिद्धेश्वर भोलेनाथ मंदिर के गार्डन में नियमित निःशुल्क योग कक्षा के शुभारम्भ के मौके पर योग प्राणयाम अभ्यास के दौरान तम्बोली ने अपने सम्बोधन में कहा कि व्यक्ति का चित्त स्थिर रहेगा तो वह भूत, वर्तमान व भविष्य की स्थितियों में सामंजस्य स्थापित कर सकेगा। योग मनुष्य में आचार, विचार, आहार, व्यवहार सभी में एक रूपता लाता है। योग कक्षा में प्रथम दिन साधकों का अच्छा उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर उपस्थित साधकों को सूक्ष्म व्यायाम के साथ ही वृक्षासन, ताडासन, त्रिकोणासन तथा कपालभांति, अनुलोम-विलोम, उज्जायी, अग्निसार क्रिया का भी अभ्यास करवाया। योग शिक्षक एस.के. अरोडा का भी इसमें विशेष सहयोग रहा। क्षेत्रवासियों की योग के प्रति बढती रूचि व उत्साह को देखते हुए यह कक्षा नियमित प्रातः 5.30 से 6.30 बजे आयोजित की जाएगी। इसमें सभी आम नागरिक भाग लेकर योगाभ्यास करके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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