कर्नाटक में भाजपा के जीत की तस्वीर साफ हो गई और उसी के साथ भारत की तस्वीर भी बदल गई। भारत को अगर राजनीति के रंग में देखें तो घूंघट भी भगवा है और दामन भी भगवा, भगवा हो गया है सारा श्रृंगार…। जीत का जश्न मना रही बीजेपी का राज अब पूरे भारत में नजर आ रहा है। बीजेपी ने भारत के 21 राज्यों को फतह कर जीत का बिगुल तो फूंका ही साथ ही कांग्रेस के छक्के भी छुड़ा दिये है।
 
भगवा रंग भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उसके बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। वेद, उपनिषद, पुराण श्रुति इसका यशोगान करते हैं। भगवा रंग में रंगे प्रदेशों में भारत का मुकुट -जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, असम, झारखंड, मणिपुर, सिक्कम,महाराष्ट्र, गुजरात , हिमाचल, त्रिपुरा और अब इसमें कर्नाटक का नाम भी शामिल हो गया।
 
वहीं कांग्रेस के पास अपनी शाख बचाने के लिए केवल 3 राज्य ही बचे हैं। जिसमे मेघालय ,पांडेचेरी और पंजाब है  अब भारत की तस्वीर में कांग्रेस केवल 3 राज्यो में ही सिमटती हुई नजर आ रही है ।
 
राजनीति के रंग में रंगे भारत को ध्यान से देखिये, ये तस्वीर बयां करती है बदलाव की, मोदी के मैजिक की और विकास के विजय रथ की, साथ ही शासक से सिफर की ओर बढ़ रही कांग्रेस के सफर की। बहरहाल, अगर आलम यही रहा तो वो वक्त दूर नहीं जब देश की सबसे बड़ी राजनितिक पार्टी केवल इतिहास के पन्नो में ही रह जायगी । साथ ही क्रांतिकारी पार्टी होने का दम भरने वाली कांग्रेस के लिए विपक्ष का दर्जा बस नाम के लिए ही रह जाएगा। क्योंकि आवाज उन्हीं की सुनाई देती है जिनका संख्या बल ज्यादा होता है।
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