दिवालिया होने के कगार पर जा पहुंची ऑयल मेकिंग कंपनी रुचि सोया की खरीद के लिए गौतम अडाणी ग्रुप की कंपनी सबसे बड़ी बोलीदाता के रुप में उभरी है। इस मामले से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक अडाणी ग्रुप ने इस कंपनी के लिए पहले दौर में 6,000 करोड़ रुपये की बोली लगाते हुए बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को पीछे छोड़ दिया है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद रुचि सोया की बिडिंग के लिए क्वालीफाई करने वाली दूसरी कंपनी रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने 5,700 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। रुचि सोया की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) ने बीते दिन दो प्रतिभागियों की बिड का खुलासा किया था। इन प्रतिभागियों में पतंजलि और अडाणी विलमर शामिल है। रुचि सोया फॉर्च्यून ब्रांड के अंतर्गत कुकिंग ऑयल की बिक्री करती है। कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने रुचि सोया की वैल्यू को बढ़ाने के लिए बिक्री हेतु स्विस चैलेंज मैथड को अपनाया है।

जब इस संबंध में हरिद्वार आधारित पतंजलि के प्रवक्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बिड के संबंध में कोई खुलासा नहीं किया। हालांकि, उन्होंने अडाणी विल्मर के सलाहकार के रूप में लॉ फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास के इस्तीफे के संबंध में आईं मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए प्रक्रिया की तटस्थता पर सवाल उठाए हैं। पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारवाला ने बताया, “हम हैरान हैं और हमने सीओसी से डिटेल्स की मांग की है। हमने सिरिल अमरचंद मंगलदास के इस्तीफे के मुद्दे पर पत्र लिखा है।”

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