उत्कृष्ठ संस्थान  के लिए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड श्रेणी के तहत  सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए थे.  वेदनों का आकलन करने के लिए सरकार ने श्रीएन गोपालस्वामी (चेयरमैन), प्रो. तरुण खन्ना, प्रो. प्रीतम सिंह और रेणू खाटोर की एक समिति का गठन किया था.

सरकारी संस्थानों में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और आईआईएससी बेंगलुरु को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया गया. सरकारी संस्थान अधिक स्वायत्तता के साथ 1000 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए पात्र होंगे.

प्राइवेट कैटेगिरी में बिट्स पिलानी, मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन को ब्राउनफील्ड कैटेगिरी में उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया गया है तो जियो इंस्टीट्यूट को ग्रीनफील्ड कैटेगिरी में यह दर्जा दिया गया है. उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा मिलने के बाद प्राइवेट संस्थान अधिक स्वायत्तता के पात्र तो होंगे लेकिन उन्हें कोई फंड नहीं दिया जाएगा.

ईसीसी ने ग्रीनफील्ड कैटेगिरी के तहत उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देने के लिए इन मानकों को ध्यान में रखा था.

1- संस्थान के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता

2- उच्च योग्यता और व्यापक अनुभव वाली टीम

3- संस्थान की स्थापना के लिए पर्याप्त फंड होना

4- स्पष्ट रणनीति और कार्य योजना

ग्रीनफील्ड कैटेगिरी में उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा पाने के लिए 11 आवेदन आए थे, लेकिन इनमें से जियो ने ही जरूरी चार मानकों को पूरा किया. इसी वजह से जियो का नाम उत्कृष्ट संस्थान की लिस्ट में शामिल हुआ.

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