रिलायंस इंडस्ट्रीज को लगता है कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस खड़ा करने की राह का सबसे बड़ा रोड़ा सामानों को आखिरी मंजिल तक सकुशल पहुंचाना है। सूत्र बताते हैं कि आरआईएल इसी मोर्चे पर फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन को पटखनी देने की तैयारी में जुट गया है। पहचान गुप्त रखने की शर्त पर एक सूत्र ने कहा, 'रिलायंस लास्ट-माइल डिलिवरी (आखिरी व्यक्ति तक सामानों की पहुंच) और ग्राहकों की संतुष्टि को सबसे ज्यादा तवज्जो देगा।'

रिलायंस की योजना भरपूर पूंजी लगाकर बेहद दमदार सप्लाइ चेन खड़ा करने की है। इसके तहत, कंपनी ग्राहकों तक सामान पहुंचाने के लिए खुद का तंत्र तैयार करने के साथ-साथ थर्ड पार्टी कंपनियों की भी मदद लेगी क्योंकि 'वह सामानों की आपूर्ति एवं ग्राहकों की संतुष्टि के मामले में अव्वल रहना चाहती है।'

सूत्र बताते हैं कि रिलायंस का पूरा ध्यान एकदम सही उत्पाद बेहद तेजी से ग्राहकों तक पहुंचाने पर है। साथ ही, कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस प्रक्रिया में गलतियां नहीं के बराबर हों। रिलायंस ग्राहकों तक सामान पहुंचाने को लेकर किस तरह की तैयारियां कर रहा है, इस सवाल पर कंपनी की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

आनेवाले ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर स्वतंत्र विक्रेताओं तो जगह मिलेगी ही, खुद रिलायंस के तमाम खुदरा कारोबार भी यहीं सिमट जाएंगे। इनमें ग्रॉसरी, फैशन, जूलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स आदि रिटेल बिजनस शामिल होंगे। सूत्र ने बताया कि रिलायंस ई-कॉमर्स सेक्टर में एंट्री के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देने जा रहा है।

रिलायंस 7,500 आउटलेट्स के लिए पूरे देश में गोदामों और सप्लाइ चेन का नेटवर्क बिछा चुका है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि ई-कमॉर्स डिलिवरी के लिए रिलायंस को खास ध्यान देना होगा।

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