दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोबारा पीएम बनने की 'भविष्यवाणी' की है. हालांकि, उनकी यह 'भविष्यवाणी' अनजाने में की गई बात से निकली. दरअसल, भारत की यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने पीएम मोदी के साथ संयुक्त घोषणा के दौरान कहा कि वह 2020 में प्रधानमंत्री की कोरिया यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि हम विभिन्न बहुपक्षीय सम्मेलनों में अपनी घनिष्ठ बातचीत जारी रखेंगे.' हालांकि, 2019 में होने वाले आम चुनाव में पीएम मोदी दोबारा चुने जाएंगे या नहीं इसकी चर्चा शुरू हो गई है. लेकिन, इस बात यह अंदाजा लगाया जाने लगा है.

मई 2019 तक है कार्यकाल
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल मई 2019 तक ही है. इसके बाद दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के साथ विभिन्न बहुपक्षीय सम्मेलनों में बातचीत और 2020 में कोरिया दौरा मोदी तभी करेंगे, जब अगले लोकसभा चुनाव में वह जीतकर दोबारा प्रधानमंत्री बनते हैं. लेकिन, मून ने इशारों में ही पीएम मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की घोषणा कर दी. भले ही ये बात वो अनजाने में कह गए हों. लेकिन, ऐसे महत्वपूर्ण मौके पर कही गई हर बात का अर्थ होता है.

3P' एजेंडे पर मून-मोदी
मून जे-इन ने कहा कि वो और प्रधानमंत्री मोदी '3P' एजेंडे पर काम कर रहे हैं. इसमें लोगों के बीच आपसी सहयोग (पीपुल्स), समृद्धि(प्रॉसपेरिटी) और शांति(पीस) को बढ़ावा देने पर सहमत हैं. दोनों देशों के बीच लोगों के ज्यादा मेलजोल को बढ़ावा देकर हमने आपसी समझ को व्यापक रूप देने का फैसला किया है.

मोदी ने की मून की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने मून जे-इन की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के प्रयास का सारा श्रेय राष्ट्रपति मून को जाता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां जो साकारात्मक माहौल बना है, वह राष्ट्रपति मून की कोशिशों के कारण संभव हो पाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने असंभव को संभव बना दिया है. कोरिया की कंपनियों ने न सिर्फ भारत में निवेश किया है, बल्कि वहां के उत्पाद भारत के घर-घर में लोकप्रिय हैं.

पहले भी लगाए जा चुके हैं अंदाजे
पीएम नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं ये तो चुनाव के बाद पता चलेगा. लेकिन, उनके प्रधानमंत्री बनने की चर्चा शुरू हो चुकी है. दुनिया के बड़े ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए (CLSA) के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड ने भी इशारा किया था कि अगर मोदी के दोबारा पीएम नहीं बने तो देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंच सकती है. साथ ही कई तरह से भारी नुकसान उठाना होगा.

कमजोर सरकार बनने की आशंका
अमेरिकी फर्म मॉर्गन स्‍टेनली की हाल में जारी एक रिपोर्ट में भी भारत में कमजोर सरकार बनने की आशंका जताई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल होने वाले आम चुनाव में कोई पार्टी अपने बूते सरकार नहीं बना पाएगी. ऐसे में भाजपा भी अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगी. कंपनी के मुताबिक, गठबंधन की कमजोर सरकार निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता है. मॉर्गन स्‍टैनली का कहना है ‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र चुनाव से कुछ ही महीने दूर है. बाजार हमेशा मौजूदा से ज्‍यादा मजबूत सरकार की उम्‍मीद के साथ चुनाव में जाता है.

मॉर्गन स्टेनली की चेतावनी
अमेरिकी फर्म ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2019 में बाजार का माहौल साल 2014 के आम चुनावों से पहले जैसा नहीं रहेगा. मॉर्गन स्‍टैनली ने पिछले पांच आम चुनावों के आधार पर यह निष्‍कर्ष निकाला है. कंपनी का कहना है कि कोई सरकार पूर्ण बहुमत के साथ चुनाव में नहीं आएगी. ऐसे में यह कमजोर सरकार बनने की ओर इशारा कर रहा है.

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