जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है यूपी में पलायन जैसे मुद्दे गरमाने लगे हैं. पिछले दिनों खबर आई थी कि मुजफ्फरनगर में कुछ हिंदू पलायन कर रहे हैं. उससे पहले कैराना से इस तरह की खबरें आई थीं. इस बीच पलायन के मुद्दे को लेकर बीजेपी की फायरब्रांड नेता साध्वी प्राची ने कहा कि मैं प्रशासन को 24 घंटे का वक्त दे रही हूं, वे सावधान और सचेत हो जाएं. उनलोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिनकी वजह से हिंदू पलायन कर रहे हैं.साध्वी प्राची ने कहा कि कैराना के बाद मुजफ्फरनगर के गांव निराना से हिंदुओं का पलायन हो रहा है. यह मेरी समझ से बाहर है कि कश्मीर की घाटी हिंदुओं के खून से लहू-लुहान हो गई. दूसरी तरफ कैराना के बाद अब मुजफ्फरनगर से भी हिंदुओं का पलायन हो रहा है. हर जगह हिंदुओं को डराया जा रहा है, जिसकी वजह से वे पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं.

साध्वी प्राची ने कहा कि आखिरकार, हिंदुओं को बचाने के लिए कौन सामने आएगा? मुझे पता चला है कि निराना गांव में हिंदुओं के साथ बदसलूकी की जाती है. गांव में हिंदू महिलाओं से छेड़खानी की जाती है. पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिसकी वजह से वे पलायन करने को मजबूर हुए हैं. मैं प्रशासन से कहती हूं कि 24 घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. मैं 48 घंटे बाद निराना गांव जाउंगी और फिर जो होगा देखा जाएगा. हिंदू बहन-बेटियों के साथ किसी तरह की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

बता दें, मुजफ्फरनगर के निराना गांव में वर्ग विशेष के लोगों की हरकतों से तंग आकर 10 से अधिक हिंदू परिवारों ने अपने मकानों के बाहर 'यह मकान बिकाऊ है' लिखकर पलायन की बात कही है. उन्होंने लड़कियों ने छेड़छाड़ से तंग आकर पढ़ाई तक छूट जाने की बात कही है. पलायन की बात का पता चलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस के आला अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से बात कर पलायन के कारणों का पता लगाया है. एसपी सिटी ने पलायन को मजबूर करने वाले असामाजिक तत्वों को तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए है.

पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, निराना गांव में पिछले दिनों एक बारात आई हुई थी. इसमें कुछ असामाजिक तत्वों ने बारात में घुसकर कुछ लोगों के साथ जमकर मारपीट की थी. पीड़ित की तहरीर पर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया था, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी सिखेड़ा पुलिस ने ना तो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोई दबिश दी और ना ही किसी को गिरफ्तार किया. वहीं पीड़ितों का आरोप है कि हलके के इंचार्ज आरोपियों के परिजनों को अपने साथ बाइक पर बैठाकर गांव में घूमते हैं. साथ ही ये असामाजिक तत्व गांव में बने कब्रिस्तान में क्रिकेट खेलते हैं और जानबूझकर घर मे गेंद डालते हैं. फिर दीवारें कूदकर हमारे घर में घुसते हैं और हम मना करते हैं तो गाली-गलौच करते हुए मारपीट करते हैं.

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