श्रीनगर में स्थानीय अखबार 'राइजिंग कश्मीर' के संपादक शुजात बुखारी की अज्ञात बंदूकधारियों ने गुरूवार की गोली मारकर हत्या कर दी। श्रीनगर में उनके कार्यालय के बाहर हुई इस घटना में बुखारी के साथ ही उनके पीएसओ की भी मौत गई। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बुखारी यहां प्रेस एंक्लेव स्थित अपने कार्यालय से एक इफ्तार पार्टी के लिए जा रहे थे कि तभी अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर हमला कर दिया।

यह कायराना हमला है-गृह मंत्री

शुजात बुखारी हत्या की खबर की चारों तरफ कड़ी आलोचना की जा रही है। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जहां इस घटना पर कड़ी आलोचना की तो वहीं दूसरी तरफ गृहमंत्री ने ट्वीट कर रहा कि उन्हें इससे गहरा झटका लगा है।

पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या पर गृहमंत्री ने कहा- यह कायराना हमला है। यह कश्मीर की आवाज़ को दबाने का प्रयास है। वे एक बहादुर और निडर पत्रकार थे। उनकी हत्या का काफी दुख और झटका लगा है। मेरी प्रार्थना उनके बहादुर परिवार के लिए है।

महबूबा ने की कड़ी निंदा

श्रीनगर सिटी की प्रेस कॉलोनी में हुए हमले में शुजात बुखारी और एनके एसपीओ बुरी तरह घायल हो गए थे। उधर, जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबी मुफ्ती ने शुजात बुखारी की मौत पर गहरा शोक जताया है। महबूबा ने ट्वीट करते हुए कहा- “मैं इस आतंकी कृत्य की कड़ी निंदा करती हूं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं। मेरी संवेदना उनके परिवार के प्रति है।”

पत्रकार की हत्या पर राहुल ने जताया दुख

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कश्मीर में वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या पर दुख प्रकट किया और कहा कि बुखारी एक साहसी पत्रकार थे जिन्होंने न्याय और शांति के लिए निर्भीक होकर लड़ाई लड़ी। गांधी ने ट्वीट किया, ''राइजिंग कश्मीर (अखबार) के संपादक शुजात बुखारी की हत्या की खबर सुनकर दुखी हूं। वह बहादुर इंसान थे जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में न्याय और शांति के लिए निर्भीक होकर लड़ाई लड़ी। उनके परिवार के प्रति संवेदना है। बुखारी की कमी महसूस होगी।

इससे पहले, गुरूवार को कश्मीर में ईद की पूर्व संध्या पर आतंकियों ने घर जा रहे जवान का अपहरण कर लिया। शोपियां में तैनात सेना का जवान औरंगजेब कुछ दिन पूर्व आतंकी समीर टाइगर को मार गिराने वाली टीम में शामिल था।

ईद के लिए घर लौटते वक्त अपहरण

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के रजौरी जिला का निवासी औरंगजेब ईद के मौके पर छुट्टियों में घर जा रहा था। इस दौरान पुलवामा जिले के कलामपुरा इलाके से जवान का अपहरण कर लिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस और सेना मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि औरंगजेब चार जम्मू-कश्मीर लाइट इनफैंट्री में था और वर्तमान में वह शोपियां के शादीमार्ग में 44  राष्ट्रीय राइफल्स शिविर में तैनात था।
कैसे आतंकियो ने किया अपहरण

उन्होंने बताया कि इकाई के सेना के जवानों ने शोपियां में आज सुबह नौ बजे एक कार रोकी और चालक से औरंगजेब को शोपियां पहुंचाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि वास्ताव में क्या हुआ। अधिकारियों ने बताया कि राजौरी के रहनेवाले औरंगजेब को पुलवामा के कलमपुरा इलाके से उठाया गया। वे 4 जम्मू कश्मीर लाइट इन्फैन्ट्री में थे और वर्तमान में शोपियां के शादीमार्ग पर 44 राष्ट्रीय रायफल्स कैम्प में तैनात थे।
अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे यूनिट के आर्मी मेन ने ड्राईवर से कहा कि वे औरंगजेब को शोपियां में छोड़ दे। आतंकियों ने उनकी गाड़ी को कलमपुरा में रोककर सेना को जवान का अपहरण कर लिया। पुलिस पूरे मामले को देख रही है। सेना भी इस पूरी घटना की छानबीन कर रही है।

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