अजमेर। दिल्ली से भारत की यात्रा पर निकले दिव्यांग ठाकुर रविवार को अजमेर पहंुचे, जहा ठाकुर ने विष्व विख्यात सूफी संत हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हाजरी दी। इस दौरान ठाकुर ने गरीब नवाज की मजार पर मखमली चादर व अकीदत के फूल पेष कर देष मे अमन-चैन व खुषहाली की कामना की। ठाकुर को दरगाह जियारत दरगाह खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सकी ने करवाई और जियारत के बाद दस्तारबंदी करके तबर्रूक तकसीम किया।
गौरतलब है कि ठाकुर ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान व अपनी बात का लोहा मनवाने के लिए निकल दिल्ली से भारत की यात्रा पर रवाना हुये है। ठाकुर की यात्रा आज अजमेर पहुंची, ठाकुर अपनी साईकिल पर भारत की यात्रा कर रहे है।
शक्ति ही तो थोड़ी कम हुई है, लेकिन मन की शक्ति तो मजबूत है। यह कहना है रियलिटी शो इंडियाज गोट टेलेंट व नच बलिए सीजन 6 में अपने डांस का लोहा मनवाने वाले विनोद ठाकुर का। दोनों ही पैरों से दिव्यांग विनोद ठाकुर का जज्बा हर किसी ने देखा है। पैर नहीं होते हुए भी ऐसा डांस करते हैं कि देखने वाले उनके फैन हो जाते हैं। विनोद इन दिनों अपनी व्हील चेयर पर ही दिल्ली स्थित इंडिया गेट से मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के लिए निकले हैं।
विनोद ठाकुर की माने तो वो कहते है कि उनके सिर्फ दो पैर ही तो नहीं है बाकी शरीर और जज्बे के सहारे ही तो आज मैं अपनी पहचान साबित कर पाया हूं। दिव्यांगों को लाचार समझना सबसे बड़ी भूल है क्योंकि वे भीतर से बेहद मजबूत होते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी यह यात्रा सिर्फ बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के लिए ही नहीं है बल्कि वे दिव्यांगों को प्रेरित भी करना चाहते हैं कि कोई भी काम मुश्किल नहीं है। 19 मार्च को यात्रा इंडिया गेट दिल्ली से शुरू हुई थी तथा 24 अप्रैल को यात्रा का मुंबई में गेट वे ऑफ इंडिया पर समापन होगा। 5 भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। पिता की मौत के बाद वह 12वीं के आगे नहीं पढ़ सके। इसके बाद उन्होंने डांस सीखने की ठानी और इस मैदान में अपने जज्बे के दम पर बहुत कुछ पाया है। वर्ष 2011 में उन्हें सुपर आइडल अवार्ड मिल चुका है। उन्हें एबीसीडी फिल्म में दिव्यागों को मोटीवेट करने के लिए मौका मिला।

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