अजमेर । बाबा साहब डाॅ भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर चन्द्रवरदायी नगर में अम्बेडकर भवन का शिलान्यास किया गया। शिलान्यास समारोह में शिक्षा एवं पंचायतीराज राज्यमंत्राी वासुदेव देवनानी ने कहा कि समाज को एक जुट रखने के लिए अम्बेडकर के आदर्शो को अपनाना होगा। महिला एवं बाल विकास मंत्राी अनिता भदेल कहा कि सामाजिक समरसता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का उत्तरदायित्व है।
 देवनानी ने कहा कि अंगे्रजों के आगमन से भारत में छूआछूत का जन्म हुआ। इस तरह से समाज का बटंना पीड़ा दायक है। बाबा साहब ने अनेकों अवरोधों के बावजूद सबके सहयोग से उच्च कोटि का अध्ययन किया। उनका सम्पूर्ण जीवन देश और समाज के प्रति समर्पित था। वे संविधान के शिल्पकार तथा गरीबों एवं दलितों के मसीहा थे। उन्होंने देश को एक रखने के लिए जीवन भर प्रयत्न किया। देश को आगे रखकर ही अम्बेडकर ने स्वदेशी धर्म की शिक्षा ली।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब के कार्यो के सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्राी अटल बिहारी वाजपेयी के समय भारत रत्न प्रदान किया गया। प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी ने संसद कक्ष में अम्बेडकर का तेल चित्रा स्थापित करवाया। राजस्थान के 191 शहरी निकायों में अम्बेडकर भवनों का शिलान्यास हुआ। डाॅ. अम्बेडकर ने जातिवाद का हमेशा विरोध किया। समाज को आगे बढ़ाने तथा एकजुट रखने के लिए उनके आर्दशों को अपनाना होगा। उनके आदर्शो पर चलकर समाज ने नई जागृति और उंचाईया प्राप्त की है। समाज को विभाजित करने वाले तत्वों को भारतीय समाज पहचानता है। यह समाज इस तरह के असमाजिक तत्वों को बहकावें में नहीं आएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा पाठ्यपुस्तकों में अम्बेडकर के आदर्शो को पढ़ाया जा रहा है। आरक्षण आवश्यक है। इसके द्वारा समाज में समरसता उत्पन्न हो रही है।  सरकार ने महिला एवं बाल विकास मंत्राी अनीता भदेल ने कहा कि सामाजिक समरसता बनाएं रखना प्रत्येक नागरिक का उत्तररदायित्व है।
 भदेल ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि यह अम्बेडकर भवन 96 लाख की राषि  से निर्मित होगा। इससे पिछड़े वर्ग के साथ साथ समस्त नागरिकों को भी लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा  2.50 लाख रूपये से कम  आमदनी वाले अभिभावकों के बच्चों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन शुल्क में छूट दी जाएगी।
अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा एक हजार 106 वर्ग मीटर का क्षेत्रा अम्बेडकर भवन के लिए उपलब्ध करवाया गया है। इस पर 530 वर्गमीटर में भवन निर्मित होगा। अम्बेडकर ने मानव मात्रा को उसके अधिकार दिलाने के लिए प्रयास किया। वर्तमान सरकार की नीतियां समाज की प्रत्येक व्यक्ति को लाभान्वित करने की है। असामाजिक तत्व अम्बेडकर के द्वारा एक जुट किए समाज की समरसता को खत्म करने का प्रयास कर रहे है। वर्तमान का जागरूक समाज इनके बहकावें में नही आएगा। समाज एक शरीर की तरह है। इसके एक अंग में पीड़ा होने पर वेदना पूरे समाज को होती है।
Close Menu