अजमेर. जिला पूल में ड्राइवरों तथा मिस्त्री की ओर लगातार की जा रही मनमानी का खामियाजा उन्हें भुगतना ही पड़ा। जिला कलक्टर आरती डोगरा ने सख्ती बरतते हुए जिला पूल के मिस्त्री उमेश को निलम्बित कर दिया। और उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है। जबकि जिला पूल के ड्राइवर फिरोज को शराब पीकर गाड़ी में एसी चलाकर सोने के मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

वहीं संविदा पर जिला पूल में ड्राइवर का काम कर रहे चंदन को भी मंगलवार को हटाया दिया दिया गया। चंदन पर फिरोज को ले जाकर शराब पिलाने का आरोप है। एक साथ तीन कार्मिकों पर कार्रवाई होने से जिला पूल में खलबली मच गई।

गाड़ी की चाबी को लेकर पिछले 5 दिनों से था गायब

जिला पूल का मिस्त्री उमेश पिछले 5 दिनों से बिना बताए गायब है। वह फोन भी नहीं उठा रहा है। उसके पास हाल ही जिला पूल को मिली बोलेरो गाड़ी की चाभी भी है। वह अधिकारियों के फोन भी नहीं उठा रहा है। इस पर प्रोटोकॉल अधिकारी आलोक जैन ने उसके खिलाफ वाहन की चाबी लेकर भागने तथा राजकार्य में बाधा की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज करवाई है। पुलिस की जांच में उसकी लोकेशन शिमला व मसूरी आई है।

शराब पीकर एडीएम की गाड़ी में आराम
मंगलवार दोपहर बाद एडीएम सिटी अरविंद कुमार सेंगवा, एडीएम (प्रशासन) कैलाश चन्द्र से मिलने जा रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि एडीए प्रशासन की स्वीफ्ट डिजायर गाड़ी का इंजन चालू है। इस पर उन्होंने एडीएम से पूछा तो बताया कि वे तो कहीं नहीं जा रहे तो सेंगवा ने उन्हें उनके वाहन के इंजन के चालू होने की जानकारी दी। इस पर जब ड्राइवर को गाड़ी से बाहर निकाला गया तो वह शराब के नशे में मिला। उसने कहा कि वह गाड़ी में सो रहा था इसलिए एसी चलाया था।

बाद में वह अधिकारियों से माफी भी मांगने लगा। इस पर अधिकारी उसे जिला कलक्टर के पास ले गए। कलक्टर के निर्देश पर पुलिस ने उसका मेडिकल कराया और गिरफ्तार कर लिया। पिछले साल इस ड्राइवर ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री के अजमेर आगमन के दौरान सरकारी वाहन का एक्सीडेंट कर दिया था तब उसकी मरम्मत पर 2 लाख रुपए खर्च हुए थे। प्रशासन ने जिला पूल में संविदा पर कार्य कर रहे चालक चंदन को भी हटा दिया। चंदन पर आरोप है कि वह ही फिरोज को लेकर शराब पीने गया था।

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