अजमेर.शिक्षा महकमे द्वारा किए गए तबादले को रुकवाने के लिए एक शिक्षिका दोबारा से विधवा बन गई। जिले के पीसांगन ब्लाक की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कोटाज में कार्यरत शिक्षिका नीतू उदय का 31 मई को ही तबादला राउप्रावि भगवानपुरा में हुआ था।

दस्तावेज के आधार पर मिल गया स्टे:शिक्षिका नीतू ने कागजों में अपने आपको विधवा बताते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और पेश किए गए तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने स्टे दे दिया। नतीजतन, कोटाज स्कूल में पद रिक्त नहीं होने के बावजूद कोर्ट निर्णय को देखते हुए जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी श्याम लाल सांगावत के आदेश पर शिक्षिका ने वापस उसी स्कूल में आफ लाइन ज्वाइन कर लिया।

सेवा रिकार्ड में खुद को बताया विवाहित :हैरानी इस बात की है कि शिक्षिका ने स्कूल में भरे व्यक्तिगत सेवा विवरण पत्र में खुद को विवाहित बताया है। खानपुरा रोड, सुभाषनगर अजमेर निवासी नीतू उदय ने सेवा विवरण पत्र में अपने पति का नाम प्रभु लाल वर्मा और अपने पिता का नाम चतुर्भुज हिनूनियां लिखा है।

प्रधानाध्यापक गुरु प्रसाद बोले- शिक्षिका अभी भी है विधवा, इसी आधार पर मिला स्टे वहीं ज्वाइन किया:राउप्रावि कोटाज के प्रधानाध्यापक गुरु प्रसाद ने भास्कर से बातचीत में खुलकर कहा कि हां, विधवा की वजह से ही नीतू मैडम को कोर्ट से स्टे मिला है और उन्हें इसी स्कूल में ज्वाइन करवा लिया गया है। वह अभी भी विधवा ही हैं। लेकिन व्यक्तिगत सेवा विवरण पत्र में खुद शिक्षिका नीतू ने तो अपने आपको विवाहित बताया है, प्रधानाध्यापक के भी उस पर हस्ताक्षर हैं। बताया जाता है कि इनके पहले पति का नाम कैलाश चंद उदय है जिनका स्वर्गवास वर्ष 2002 में हो गया था। इनकी नौकरी 2005 में लगी। बाद में उन्होंने प्रभु लाल वर्मा से शादी की।

सिर्फ तीन किमी दूर हुआ है तबादला:सरकार ने शिक्षिका का तबादला कहीं दूर किया हो ऐसा भी नहीं है। उनका तबादला कोटाज स्कूल से सिर्फ तीन किमी. दूर राउप्रावि भगवानपुरा में किया गया है। इसमें भी शिक्षिका ने इतने जतन कर लिए।

अभी तो विधवा नहीं है:शिक्षिका नीतू उदय की विधवा कैटेगरी में नौकरी लगी हो सकती है लेकिन आज वह विधवा कैटेगरी में नहीं है, कार्मिक विवरण में भी यह विधवा नहीं हैं। विवाहिता लिखा हुआ है। यह तबादले पर कोर्ट से स्टे लाई थी लेकिन में इसके लिए एनटाइटल नहीं थी। ज्वाइन करवाने के लिए डीईओ से आदेश लेने भेजा। डीईओ ने कहा पद रिक्त हो तो ज्वाइन करा लो। कोटाज स्कूल में पद रिक्त नहीं है इस पर इन्हें पुन: डीईओ के पास भेजा गया। इस पर डीईओ ने पद रिक्त नहीं होने पर आफ लाइन ज्वाइन कराने के निर्देश दिए। अब यह तो न्यायालय को ही देखना है कि वह विधवा है या नहीं। -

स्वाति सतरावल पीईईओ राउमावि केसरपुरा:कोर्ट ने इस शिक्षिका के तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर स्थगन आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर इन्हें उसी स्कूल में ज्वाइन करवा दिया गया है। शिक्षिका अभी विधवा है या नहीं, सेवा रिकार्ड दिखवाया जाएगा। -श्याम लाल सांगावत, जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी

मामला गंभीर:विधवा नहीं होने के बावजूद अगर विधवा के आधार पर कोर्ट से स्टे मिला है तो मामला गंभीर है। इस बारे में पूरी जांच करवाई जाएगी। सेवा रिकार्ड में क्या लिखा हुआ है, जांच पड़ताल के बाद कोर्ट में जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। शिक्षिका अगर विधवा नहीं पाई गई तो विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। -वासुदेव देवनानी, शिक्षा राज्य मंत्री

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