अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में तीर्थराज पुष्कर में आज “ श्री पुष्कर पशु मेला - 2017 ” का शुभारंभ हुआ। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त यह मेला आगामी चार नवंबर (कार्तिक पूर्णिमा) तक चलेगा। पुष्कर मेला मैदान के पास रेतीले धोरों में भरने वाले मेले में इस बार प्रतिबंध के चलते घोड़े नजर नहीं अायेंगे। इसमें ऊंट, बैल, भैंसे आदि पशुओं बिक्री के लिए लाये जा रहे हैं। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.एस.एस.चांदावत के अनुसार जिले के किशनगढ़ के पाटन गांव में एक संक्रामक रोग “ ग्लेंडर्स ” की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर अजमेर जिले के अश्ववंश को बाहर ले जाने एवं बाहर से आने वाले सभी तरह के अश्ववंश जिनमें घोड़े, गधे, खच्चर, टट्टू आदि शामिल है पर प्रतिबंध लगा दिया है। मेले में हर साल प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब, उत्तरप्रदेश, गुजरात आदि राज्यों से करीब चार हजार घोड़े आते थे और इनमें से कुछ पुष्कर मेला मैदान के आयोजनों में अपने करतब भी दिखाते थे। इस बार विदेशी पर्यटकों के साथ देशी एवं ग्रामीणों को भी अश्व प्रतियोगिता देखने को नहीं मिलेगी। इससे विदेशी पर्यटकों का मेले के प्रति आकर्षण प्रभावित होगा।

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